Why do we sometimes fall into black holes of depression, anxiety and self-doubt? And can we change the way we feel?

Dr. David Burns MD, Stanford University School of Medicine and author of the best selling book ‘Feeling Good’, says that anxiety, guilt, pessimism, procrastination, low self-esteem, and other black holes of depression can be cured without drugs. He talks about scientifically proven techniques that immediately lift our spirits and help us develop a positive outlook on life. His book has helped people who were on the verge of suicide. His book talks about the many options available for coming out of depression and look forward to living.

– Recognize what causes our mood swings
– Nip negative feelings in the bud
– Deal with guilt
– Handle hostility and criticism
– Overcome addiction to love and approval
– Build self-esteem, and
– Feel good everyday

Please watch the 17-minutes video. And if you like what he says, get this book.
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Disclaimer: I am not promoting this book. Hence, not posting a link. I bought this book from Amazon for a little less than $4.00.

 

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Though the song has been picturized as a love song, it is actually Bulleh Shah crying out for God. He is pleading with God to reveal himself, even to give him a false glimpse so that Bulleh’s heart can find a respite. This is Sufi poetry, through which Bulleh Shah used to express himself.

My earlier post on Bulleh Shah. Another beautiful song.

Lyrics in Hindi

मेरी रूह का परींदा फड़फडाये
लेकिन सुकून का जज़ीरा मिल न पाए
वे की करां.. वे की करां..

इक बार को तजल्ली तो दिखा दे
झूठी सही मगर तसल्ली तो दिला दे
वे की करां.. वे की करां..

[रान्झां दे यार बुल्लेया
सुनले पुकार बुल्लेया
तू ही तो यार बुल्लेया
मुर्शिद मेरा, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम कमले
सरहद के पार बुल्लेया
परवरदिगार बुल्लेया
हाफ़िज़ तेरा, मुर्शिद मेरा ] x २

मैं कागुल से लिपटी
तितली की तरह मुहाजिर हूँ
एक पल को ठहरूं
पल में उड़ जाऊं
वे मैं तां हूँ पगडंडी
लब्दी ऐ जो राह जन्नत की
तू मुड़े जहाँ मैं साथ मुड़जाऊं

तेरे कारवां में शामिल होना चाहुँ
कमियां तराश के मैं क़ाबिल होना चाहुँ
वे की करां.. वे की करां..

[रांझन दे यार बुल्लेया
सुनले पुकार बुल्लेया
तू ही तो यार बुल्लेया
मुर्शिद मेरा, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम कमले
सरहद के पार बुल्लेया
पर्यार्दिगर बुल्लेया
हाफ़िज़ तेरा मुर्शिद मेरा ] x २

रांझना वे.. रांझना वे..
जिस दिन से आशना से दो अजनबी हुवे हैं
तन्हाईओं के लम्हें सब मुल्तबी हुवे हैं
क्यूँ आज मैं मोहब्बत
फिर एक बार करना चाहूँ हाँ..

ये दिल तो ढूंढता है इनकार के बहाने
लेकिन ये जिस्म कोई पाबंदियां ना माने
मिलके तुझे भागवत
ख़ुद से ही यार करना चाहूँ

मुझमें अगन है बाकी आजमा ले
ले कर रही हूँ ख़ुद को मैं तेरे हवाले
वे रांझना.. वे रांझना..

[रान्झां दे यार बुल्लेया
सुनले पुकार बुल्लेया
तू ही तो यार बुल्लेया
मुर्शिद मेरा, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम कमले
सरहद के पार बुल्लेया
परवरदिगार बुल्लेया
हाफ़िज़ तेरा, मुर्शिद मेरा ] x २
मुर्शिद मेरा, मुर्शिद मेरा..

NightSky

When despair for the world grows in me
and I wake in the night at the least sound
in fear of what my life and my children’s lives may be,
I go and lie down where the wood drake
rests in his beauty on the water, and the great heron feeds.
I come into the peace of wild things
who do not tax their lives with forethought
of grief. I come into the presence of still water.
And I feel above me the day-blind stars
waiting with their light. For a time
I rest in the grace of the world, and am free.

Wendell Erdman Berry (born August 5, 1934) is a farmer, an American novelist, poet and environmental activist.

Movie: Highway (2014)

Singers: Sultana & Jyoti (Nooran sisters)
Music: A. R. Rahman
Lyrics: Irshad Kamil

Patakha Guddi – Fiery (like a firecracker) Kite. Meaning a fun-loving, fearless girl.

हां…
मीठे पान दी गिल्लौरी
लट्ठा सूट दा लाहोरी
फट्टे मार दी बिल्लोरी

जुगनी मेल-मेल के
कूद फांद के
चक्क छकाते जावे

मौला तेरा माली यो
हरियाली जंगल वाली
तू दे हर गाली पे ताली
उसकी क़दम-क़दम रखवाली

ऐंवे लोकलाज कि सोच-सोच के
क्यूं है आफत पाली
तू ले नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली

शर्फ़ ख़ुदा का, जर्फ़ ख़ुदा का
अली अली अली अली
शर्फ़ ख़ुदा का, जर्फ़ ख़ुदा का
अली अली अली अली
अली हो… अली हो…
चली ओ… रे चली चली, चली ओ…

अली अली तेरी गली
वोह तो चली
अली अली
तेरी गली चली ओ…

ओ जुगनी ओ…
पटाखा गुड्डी ओ
नशे में उड़ी जाए रे हाय रे
सज्जे खब्बे धब्बे किल्ली ओ
पटाखा गुड्डी ओ
नशे में उड़ी जाए रे हाय रे
सज्जे खब्बे धब्बे किल्ली ओ

मौला तेरा माली यो
हरियाली जंगल वाली
तू दे हर गाली पे ताली
उसकी क़दम क़दम रखवाली

ऐंवे लोक लाज कि सोच सोच के
क्यूं है आफत ताली
तू ले नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली

मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छडियां डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छडियां डोरियां
तू तो रब का बांका बच्चा
राज दुलारा तू ही
पाक रब का बांका बच्चा
उसका प्यारा तू ही
मालिक ने जो चिंता दी तो
दूर करेगा वोही
नाम अली का लेके तू तो
नाच ले गली गली
ले नाम अली अली…
नाच ले गली गली
ले नाम अली अली…
नाच ले गली गली
ले नाम अली अली…

अली ओ…

तू ले नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली ओ…

जुगनी रुख पीपल दा होई
जिसनु पूजता हर कोई
जिसदी फ़सल किसे ना बोयी
घर वी रख सके ना कोई

रास्ता नाप रही मरजानी
पत्ती बारिश दा है पानी
जब नज़दीक जहां दे आनी
जुगनी मैली सी हो जानी

तू ले नाम रब दा अली अली
चल खाल्ले रन चली
नाम रब दा अली अली
हर दरवाज़ा अली
साईं रे… साईं रे…

मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छडियां डोरियां
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छडियां डोरियां
ओ…

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