Hindi Lyrics

ना हरम में, ना सुकूँ मिलता है बुतखाने में
चैन मिलता है तो, साक़ी तेरे मैखाने में
झूम, झूम
झूम बराबर झूम शराबी झूम बराबर झूम – ३

काली घटा है, आ आ, मस्त फ़ज़ा है, आ आ
काली घटा है मस्त फ़ज़ा है, ज़ाम उठा कर घूम घूम घूम
झूम बराबर झूम शराबी झूम बराबर झूम – ३
झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम झूम

आज अंगूर की बेटी से मुहौब्बत कर ले
शैख़ साहब की नसीहत से बग़ावत कर ले
इसकी बेटी ने उठा रखी है सर पर दुनिया
ये तो अच्छा हुआ के अँगूर को बेटा ना हुआ
कमसेकम सूरत-ए-साक़ी का नज़ारा कर ले
आके मैख़ाने में जीने का सहारा कर ले
आँख मिलते ही ज़वानी का मज़ा आयेगा
उसको अँगूर के पानी का मज़ा आयेगा

हर नज़र अपनी बसद शौंक गुलाबी कर दे
इतनी पीले के ज़माने को शराबी कर दे
जाम जब सामने आये तो मुकरना कैसा
बात जब पीने की आजाये तो डरना कैसा

धूम मची है, मैख़ाने में
धूम मची है मैख़ाने में तू भी मचा ले धूम धूम धूम
झूम बराबर झूम शराबी झूम बराबर झूम – ३

इसके पीनेसे तबीयत में रवानी आये
इसको बूढ़ा भी जो पीले तो ज़वानी आये
पीने वाले तुझे आजायेगा पीने का मज़ा
इसके हर घूँट में पोशीदा है जीने का मज़ा

बात तो जब है के तू मै का परस्तार बने
तू नज़र ड़ाल दे जिस पर वोह ही मैख़्वार बने
मौसम-ए-गुल में तो पीने का मज़ा आता है
पीने वालों ही को जीने का मज़ा आता है

जाम उठा ले, मुहं से लगा ले
जाम उठाले मुँहं से लगाले मुँह से लगाकर चूम चूम चूम
झूम बराबर झूम शराबी झूम बराबर झूम – ३

जो भी आता है यहाँ पीके मचल जाता है
जब नज़र साक़ी की पड़ती है सम्भल जाता है
आ इधर झूमके साक़ी का लेके नाम उठा
देख वो अब्र उठा तू भी ज़रा ज़ाम उठा
इस क़दर पीले की रग-रग में सुरूर आजाये
कसरत मै से तेरे चेहरे पे नूर आजाये
इसके हर कतरे में नाज़ाँं है निहाँ दरियादिली
इसके पीनेसे अदा होती है इक जिन्दािली

शान से पीले, शान से जीले
शान से पीले शान से जीले घूम नशे में घूम घूम घूम
झूम बराबर झूम शराबी झूम बराबर झूम – ३

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